Swadesh - CBSE Class 8 Hindi Notes

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Chapter Study Guide & Summary

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Key Concepts & Syllabus Topics

Important Definitions & Terminology

Swadesh Overview
The central theme and foundational concept covered in Class 8 Hindi Chapter 1, emphasizing conceptual clarity, NCERT curriculum alignment, and exam readiness.
NCERT Curriculum Alignment
Structured study material adhering strictly to CBSE board guidelines, learning objectives, and standardized assessment criteria for Class 8.
Active Recall & Revision
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Quick Revision & Key Points

Full NCERT Chapter: Swadesh

वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं जो जीवित जोश जगा न सका, उस जीवन में कुछ सार नहीं। जो चल न सका संसार-संग, उसका होता संसार नहीं॥ जिसने साहस को छोड़़ दिया, वह पहुँच सकेगा पार नहीं। जिससे न जाति-उद्धार हुआ, होगा उसका उद्धार नहीं जो भरा नहीं भे भावों से, बहती जिसमें रस-धार नहीं। वह हृदय नहीं है पत्थर है जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं

जिसकी मिद्टी में उगे बढ़, पाया जिसमें दाना-पानी। है माता-पिता बंधु जिसमें, हम हैं जिसके राजा-रानी॥ जिसने कि खजाने खोले हैं नव रत्न दिये हैं लासानी। जिस पर जानी भी मरते हैं जिस पर है दुनिया दीवानी॥ उस पर है नहीं पसीजा जो, क्या है वह भू का भार नहीं। निश्चित है निस्संश्य निश्चित, है जान एक दिन जाने को। है काल-दीप जलता हरदम, जल जाना है परवानों को॥ सब कुछ है अपने हाथों में, क्या तोप नहीं तलवार नहीं। वह हृदय नहीं है, पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं॥ गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही

कवि से परिचय

स्वदेश' कविता के रचयिता गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही' हिंद के उन कवियोंमें से हैंजिन्होंने ब्रजभाषा में कविता लिखना परारंभ कर खड़ी बोली के श्रे्छ कवियों में अपना स्थान बनाया।

(1883–1972)

उनका जन्म उत्त प्रदेश के उन्नाव जनपद में हुआ उन्होने स्यं कहा, "सरकारी नौकरी के कारण '"सनेही' के म

पाठ से

आइए, अब हम इस कविता को थोड़ा और विस्तार से समझते हैं। नीचे दी गई गतिविधियाँ इस कार् में आपकी सहायता करेगी।

मेरी समझ से

(क) निम्नलिखित प्र्नोंके उपयु्त उत्र के सम्मुख तारा() बनाइए कुछ प्र्नो के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

."वह हृदय नहीं हैपत्थ है" इस पंक्तमें हृदय के प्थर होन से तात्परय ै

• सामाजिकता से • संवेदनहीनता से कठोरता से • नैतिकता से

निन्नलिखित में से कौन-सा विषय इस कविता का मुख्य भाव है?

V देश की प्रगति • 0 देश के प्रति प्रेम देश की सुक्षा देश की स्वतंत्रता

3."हम हैं जिसके राजा-रानी?" —इस पंक्तमें 'हम' शब्द किसके लिए आया है?

• देश के प्राकृतिक संसाधनों के लिए देश की शासन व्यवस्था के लिए देश के समस्त नागरिकों के लिए देश के सभी ्राणियों के लिए

4.कविता के अनुसार कौन-सा हृदय पत्थर के समान है?

• जिसमें साहस की कमी है • जिसमें स्नेह का भाव नहीं है • जिसमें देश-प्रेम का भाव नहीं है 0 जिसमें स्फूति और उमंग नहीं है

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रं के साथ विचार कीजिए कि आपने ये उत्त ही क्यों चने?

मिलकर करे मिलान

कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे स्तंभ 1 में दी गई हैं उन पंक्तयों के भाव या संदर् स्तंभ 2 में दिए गए हैं पंक्तियों का उनके सही अर्थ या संदभों से मिलान कीजिए।

क्रमस्तंभ 1स्तंभ २
1.जिसने साहस को छोड़ दिया, वह पहुँच सकेगा पार नहीं.जिस देश की ज्ञान-संपदा से समूचा विश्व प्रभावित है।
2.जो जीवित जोश जगा न सका, उस जीवन में कुछ सार नहीं। obजिस प्रकार युद् में तोप और तलवार की आवश्यकता 2. होती है, उसी प्रकार मनुष्य की प्रगति के लिए साहस और इच्छाशक्त की आवश्यकता होती है।
3.जिस पर ज़ानी भी मरते हैं जिस पर है दृनिया दीवानी।3. f जिसने किसी कार्य को करने का साहस छोड़ दिया हो वह किसी लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता।
4.सब कुछ है अपने हाथों में, क्या तोप नहीं तलवार नहीं।4.जो स्वयं के साथ ही दसरों को भी प्रेरित और उत्साहित नहीं कर सकते उनका जीवन निष्फल और अर्थहीन है।

पक्तियों पर चर्चा

कविता से चुनकर कुछ पंक्तयाँ नीचे दी गई हैं इन्हे ध्यानपूर्िक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए।

(क) "निश्चित है निस्संशिय निश्चित, है जान एक दिन जाने को। है काल-दीप जलता हरदम, जल जाना है परवानों को"
(ख) "सब कुछ है अपने हाथों में क्या तोप नहीं तलवार नहीं। वह हृदय नहीं है, पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्या नहीं"
(ग) "जो भरा नहीं है भावों से, बहती जिसमें रस-धार नहीं। वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं"

सोच-विचार के लिए

कविता को पुन: ध्यान से पदढिए, पता लगाइए और लिखिए

(क) "हम हैं जिसके राजा-रानी" पंक्त मे राजा-रानी किसे और क्यों कहा गया है?
(ख) 'संसार-संग' चलने से आप क्या समझते हैं? जो व्यक्ता 'संसार-संग' नहीं चलता, संसार उसका क्यों नहीं हो पाता है?
(ग) "उस पर हैनहीं पसीजा जो/क्या है वह भू का भार नहीं" पंक्त से आप क्या समझते हैं? बताइए।
(घ) कविता मे देश-्रेम के लिए बहुत-सी बातें आई हैं आप 'देश-प्रेम से क्या समझते हैं? बताइए
(ड) यह रचना एक आह्वान गीत है जो हमें देश-प्रेम के लिए ्रित और उत्साहित करती है। इस रचना की अन्य विशेषताएँ दूंढिए और लिखिए।

अनुमान और कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्च कीजिए और लिखिए।

(क) "जिसने कि खजाने खोले हैं' अनुमान करके बताइए कि इस पंक्ति में किस प्रकार के खजाने की बात की गई होगी?
(ख) "जिसकी मिट्टी में उगे बढ़" पंक्त में 'उगे-बढ़े किसके लिए और क्यों कहा गया होगा?
(ग) "वह हृदय नहीं है पत्थर है" पंक्तमे 'हृदय' के लिए 'पत्थर शब्द का प्रयोग क्यों किया गया होगा?
(घ) कल्पना कीजिए कि पत्थर आपको अपनी कथा बता रहा है। वो आपसे क्या-क्या बाते करेगा और आप उसे क्या-क्या कहेंगे? ne (संकेत—पत्थरजब मै नदी े था तो नदी की धार मुझेबदलती भी थी...
(ड) देश-प्रेम की भावना देश की सुरक्षा से ही नहीं बल्क संरक्षण से भी जुड़ी होती है। अनुमान करके बताइए कि देश के किन-किन संसाधनों या वस्तुओं आदि को संरक्षण की आवश्यकता है और क्यों?

कविता की रचना

"जिसकी मि्टी में उगे बढ़े,
पाया जिसमें दाना-पानी।
है माता-पिता बंधु जिसमें
हम हैं जिसके राजा-रानी।"
इन पंक्तियों के अंतिम शब्दों को ध्यान से देखिए।

दाना-पानी' और 'राजा-रानी' इन शब्दों की अंतिम ध्वनि एक-सी है इस विशेषता को 'तुक मिलाना' कहते हैं अब नीचे दिए गए प्र्नों पर पाँच-पाँच के समूह में मिलकर चर्चा कीजिए और उनके उत्तर लिखिए। (क) शब्दों के तुक मिलाने से कविता मेंक्या विशेष प्रभाव पड़ है?

(ख) कविता को प्रभावशाली बनाने के लिए और क्या-क्या प्रयोग किए गए हैं

आपकी कविता

देश-्रेम से जुडे अपने विचारों को आधार बनाते हुए कविता को आगे बढ़ाइए

वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।

भाषा की बात

(क) शब्द से जुड़े शब्द

नीचे दिए गए रिक्त स्थानो में स्वदेश' से जड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए। फिर मि्रो से मिलाकर अपनी सूची बढ़ाइए—

(ख) विराम चिह्नों को समझें

"जो चल न सका संसार-संग"? "बहती जिसमें रस-धार नहीं" "पाया जिसमें दाना-पानी" "हे माता-पिता बंधु जिसमें" "हम हैं जिसके राजा-रानी" "जिससे न जाति-उद्धार हुआ"

कविता में आई हुई उपर्यु्त पंक्तयों को ध्यानपूर्वक पढिए। इनमें कुछ शब्दों के बीच एक चिह्न (-) लगा है। इसे योजक चिह्न कहते हैं योजक चिह्न दो शब्दोंमें परस्पर संबंध स्पष्ट करने तथा उन्हें जोड़कर लिखने के लिए प्रयोग किए जाते हैं कविता में संदर् के अनुसार योजक चिहुनों के स्थान पर का, की, के और में से कौन-से शब्द जोड़ंगे जिससे अर्थ स्पष्ट हो सकेा लिखिए। (संकेत— 'जो चल न सका संसार के संग')

"है जान एक दिन जाने को" "है काल-दीप जलता हरदम"

उपर्यक्त पंक्तियों पर ध्यान दीजिए। इन दोनों पंक्तियों में "है' शब्द पहले आया है जिसके कारण कविता में लयात्मकता आ गई है। यदि 'है' का प्रयोग पंक्त के अंत में किया जाए तो यह गद् जैसी लगने लगेगी, जैसे— 'जान एक दिन जाने को है।'

'काल-दीप हरदम जलता है'

• अब आप कवितामेंसे ऐस पंक्तोंको चुनिए जिनमें है'शब्द क प्योग पहलेहुआ ह चुनी ुई पंक्तयों में शब्दो के स्थान बदलकर पुनः लिखिए।

अब नीचे दी गई पंक्तयों में "है, हैं' शब्द का प्रयोग पहले करके पंक्तियों को पुनः लिखिए और देखिए कि इससे पंक्तयों के सौद्य मे क्या परिव्तन आया है। अपने साथियो से चर्चा कीजिए।

"जिस पर जानी भी मरते हैं, जिस पर है दुनिया दीवानी"

(घ) समानार्थी शब्द

कविता से चुनकर कुछ शब्द नि्न तालिका में दिए गए है दिए गए शब्दों से इनके समाना्थी शब्द ढूढ़कर तालिका में दिए गए रिक्त स्थानों ें लिखिए।

कविता का शीर्षक

"वह हृदय नहींहै पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं"

इस कविता का शीर्षक है स्वदेश'। कई बार कवि कविता की किसी पंक्त को ही कविता का शीर्षक बनाते हैं। यदि आपको भी इस कविता की किसी एक पंक्त को चुनकर नया शीर्षक देना हो तो आप कौन-सी पंक्ति चुनेंगे और क्यों?

आपकी बात

(क) नीचे कुछ चित्रदिए गए हैं उन चि्रों र सही (V) का चिह्न लगाइए जन्हें आप स्वदेश ्रेम' की श्ेणी में रखना चाहेंगे?


(ख) अब आप अपने उत्तर के पक्ष मेंतक भी दीजिए।

"सब कुछ है अपने हाथों में क्या तोप नहीं तलवार नहीं"

देश की सीमा पर सैनिक सुरकषा प्री की भाँति खड़ रहते है वेबुरी भावना से अतिक्रमण करने वाले का सामना तोप, तलवार, बंदक आदि से करते हैं।

आप बताइए कि निम्मनलिखित स्वदेश प्रमियों के अस्त्-शस्त् क्या होंग?

• विद्यार्थी • अध्यापक कृषक चिकित्सक वैज्ञानिक श्रमिक • पत्रकार

अपनी भाषा अपने गीत

(क) कक्ा में सभी विद्या्थी अपनी-अपनी भाष में देश-्ेम से संबंधित कविताओं और गीतों का संकलन करें

(ख) किसी एक गीत की कक्ा मे ंगीतात्मक प्र्तुति भी करें।

तिरंगा झंडा —कब प्रसन्न और कब उदास

राष्टरीय ध्वज (तिरंगा झंडा) देश का सम्मान है किसी एक दिन सोने से पहले अपने पूे दिन के कायों को याद कीजिए और विचार कीजिए कि आपके किन कायों से तिरंगा झंडा उदास हुआ होगा और किन कायों से तिरंगे झंडे को प्रसन्नता हुई होगी।

झरोखे से

आपने देश-प्रे से संबधित 'स्वदेश' कविता पढ़ी अब आप स्वदेशी कपड़े 'खादी से संबंधित सोहनलाल द्विवेदी की कविता 'खादी गीत' का एक अंश पढ़िए

खादी गीत

खादी के धागेधागे में अपनेपन का अभिमान भरा, माता का इसमें मान भरा, अन्यायी का अपमान भरा; खादी के रेशे-रेशे में अपने भाई का प्यार भरा, माँ-बहनों का सत्कार भरा, बन्चों का मधुर दुलार भरा; खादी की रजत चंद्रिका जब, आकर तन पर मुसकाती है, तब नवजीवन की नई ज्योति अंतस्तल में जग जाती है;

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साझी समझ

आपने स्वदेश' कविता और खादी गीत' का उप्युक्त अंश पढ़ा स्वतंत्रा आंदोलन के समय लिखी गई दोनों कविताओं मे देश-प्रम किस प्रकार अभिव्यक्त हुआ है? साथियों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए साथ ही 'खादी गीत' पूरी कविता को पुस्तकालय या इंटनेट से ढूढ़कर पढिए।

खोजबीन के लिए

नीचे दी गई इंटरनेट कड़ियों का प्रयोग कर आप देश-प्रेम और स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित रचनाएँ पढ़ सकते है

• सारे जहाँ से अच्छा
https://www.youtube.com/watch?v=xestTq6jdjl • दीवानों की हस्ती
https://www.youtube.com/watch?v=n4LOnShHEC4 झाँसी की रानी
https://www.youtube.com/watch?v=QpTL2qBOiwc

Swadesh - CBSE Class 8 Hindi Notes