Satriya aur Bihu Nritya - CBSE Class 6 Hindi Notes

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Chapter Study Guide & Summary

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Key Concepts & Syllabus Topics

Important Definitions & Terminology

Satriya aur Bihu Nritya Overview
The central theme and foundational concept covered in Class 6 Hindi Chapter 8, emphasizing conceptual clarity, NCERT curriculum alignment, and exam readiness.
NCERT Curriculum Alignment
Structured study material adhering strictly to CBSE board guidelines, learning objectives, and standardized assessment criteria for Class 6.
Active Recall & Revision
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Quick Revision & Key Points

Full NCERT Chapter: Satriya aur Bihu Nritya

8

सत्रिया और बिहू बृत्य

भारत एक विशाल देश है इसकी रंग-बिरंगी, सुंदर, प्रचीन और जीवन से भरी संस्कृति पूरी दुनिय में अनोखी है भारत क प्त्ये स्थान का नृत्य, संगीत, कला, खान-पान, भाषा, पहनावा, रहन-सहन के तरीके, सब कुछ इतना मोहक है कि पूरी दुनिया से लोग भारत की ओर खंचे चले आते हैं इस पाठ में भी एक परिवार एक दूसरे देश से भारत में आया है। आइए, पढ़ते हैं कि वे कौन हैं भारत में कहाँ आए है, और क्यों आए हैं?

एंजेला लंदन के जाने-माने इलाके कैजिं्ट में रहती थी उसका स्कूल घर से दूर नहीं था। उसका कोई सगा भाई-बहन भी नहीं था उसे जेम्स और कीरा नाम के दोस्तों खेला करते थे उन्हें ऐसी कहानियों का पात्र बने में मज़ा आता था, जिनमें दर-दराज की दुनिया का जिक्र हो। एंजेला को हर उस कहानी सेप्यार था, जिसमे उसे ताजमहल, एफिल टॉवर या कोलोजियम की यात्र पर जाना हो। उसे बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि जल्दी ही यात्राओं की उसकी ये कहानियाँ सच साबित होने वाली हैं। एंजेला की माँ एलेसेड्ा एक डॉक्यमेट्टी फ़िल्म निम्माता थीं उन्हें लंदन की ब्रिटिश अकादमी से असम की नृत्य परंपरा पर एक डॉक्यूेट्ी बनाने के लिए वित्तीय मदद दी गई थी पेचीदा बात यह थी कि उनके पास इस काम को पूरा करने के लिए सि्फ एक

महीने का वक्त था।उन्होंने ंजेला के स्कूल से उसकी बसंत की छुटियं को एक हफ्ते और बढ़ाने की अनुमत ले ली, जिससे एंजेला और उसके पिताब्रायन भी उनके साथ जा सकें एंजेला बहुत जल्दबाजी में बनाई गई इस यात्रा की योजना से हैरान थी, पर उसकी माँ समय से यह काम पूरा कर सके, इसलिएवे सभी जल्दी ही तैयार हो गए।

जब तक एंजेला कुछ समझ पाती, तब तक वह लंदन से नई दिल्ली होते हुए गुवाहाटी की उड़ान पर थी यात्रा के दौरान माँ ने एंजेला को असम की खूबसूरती के बारे में कुछ बातें बताई। असम, भारत के उत्तर-पूवी कषेत् में है, जिसे अपने वन्य- जीवन, रेशम और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है इसके साथ असम में नृत्य की भी एक समृद्ध परंपरा है। एलेसेड्ा की डॉक्यूमेट्री के केद् में असम के जनजीवन में नृत्य के महत्व को तलाशना था। वे जब यहाँ आ रहे थे तब अप्रल का महीना चल रहा था। असम में यह नए साल का वक्त होता है। बसंत के आने की खुशी में वे सभी एक त्योहार मनातेहै, जिसे बिहू' कहा जाता है एंजेला उसी रात इसे देखने जाने वाली थी

गुवाहाटी के एक होटल में सामान्य होने के बाद वे उसी शाम पास के एक गाँव मलंग में गए। गाँव पहुँचने पर माँ ने एंजेला को बताया कि बिहू एक कृष आधारित त्योहार है भारत में जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा किसानों का है असम में बिहू

साल में तीन बार मनाया जाता है। सबसे पहले जब किसान बीज बोते हैं, फिर जब वे धान रोपते हैं और फिर तब, जब खेतों में अनाज तैयार हो जाता है। एंजेला कार से उतरी, वहाँ आस-पास उत्सव जैसा माहौल देखकर वह हतप्रभ थी। वहाँ एक बड़ से बरगद के पेड़ के नीचे मंच बनाया गया था। वह जगह लोगों से भरी हुई थी। एंजेला ने एक पेड़ के नीचे एक साथ इतने लोगों को पहले कभी नहीं देखा था वहाँ खुले आसमान के नीचे लोगों के बीच बैठकर उसे ऐसा लग रहा था, जैसे वह आश्चर्यजनक रूप से किसी टाइम-मशीन में आकर बैठ गई हो! या क्या वह उस वक्त किसी सपनों की दूनिया में थी? वह मंत्रमुध होकर वहाँ लड़के-लड़कियों को बसंत ऋतु के आगमन पर नृत्य करते देख रही थी। एंजेला ने इस बात पर ध्यान दिया कि लड़कों ने वाधयंत्र ले रखे हैं और लड़कियों ने लाल और बादामी रंग की गहरी डिजाइन वाली खूबसूरत पोशाक पहन रखी है। वे सभी काफ़ी रंगीन और मस्त लग रहे थे उनका हिलता-डुलता शरीर, हाथ-पैर की हलचल से समझ आ रहा था कि वे मौज-मस्ती के नृत्य में खोए हुए हैं उसकी इच्छा हुई कि वह भी अपने घर पर बसंत के आगमन पर ऐसे ही नृत्य करेगी

बिहू नृत्य और इसके उत्सव से अचंभित एंजेला और उसके परिवार ने इसके साथ-साथ लजीज पकवानों का पूरा आनंद लिया। जब वे वापस लौटे, तब माँ ने एंजेला से पूछा कि 'उसे बिहू कैसा लगा?' एंजेला के मन में कई तरह के विचार चल रहे थे उसे अच्छा लगा कि इस उत्सव और नृत्य दोनों को बिहू' कहा जाता है उसने माँ से पूछा कि क्य संगीत और नृत् सिर् त्योहारों पर ही होते हैं माँने बता, "पूर दुनिया की संस्कृतियो में लोग नृत्य और संगीत से अपनी भावनाओं को व्यक्त करते है खासतौर से भारत में बहुतायत ऐसा होताहै असम का बिहू नृतय ग्रामीण जनजीवन के साथ-साथ फसल लगाने से लेकर बसंत के आगमन तक से जु़ा हुआ है'" एंजेला की माँ अगले कुछ दिन डॉक्यूेटी के तथ्य जुटाने और साक्षात्कार लेन में वयस्त रहीं ंजेला ने काफ़ सारी बातों पर दूर से ही गौर किया। उसने महसूस किया कि लंदन के जीवन से यहाँ C सब कुछ कितना अलग था! उसे अपनी माँ पर गर्व हुआ। वे एक वैज्ञानिक-कहानीकार की तरह है, जो अपनी फ़िल्मों के

D

द्वारा बहुत-सी चीज़े एक साथ दिखात हैं अगले दिन वे उती असम की तरफ रवाना हुए, जहाँ सभी 'सत्रो', अ्थात मठों की पीठ है। वे सभी एक सत्रके
पास रहने के लिए जाने वाले थे और सत्रियानृत्य का फ़िल्मांकन
करने वाले थे। जब वे 'दक्षिणापथ सत्र पहुचे, तब वहाँ उनकी

मुलाकात तरीना सेन से हुई, जो असम की एक जानी-मानी लेखिका हैं। उस हफ्ते उन लोगों को रीना सेन के घर पर ही रुकना था रीना आंटी की एक बिटिया थी- अनुा अनु और एंजेला ने तुरंत एक-दूसे की तरफ देखा। उन दोनों की ही उम्र दस साल


दक्षणापथ सत्रक सेक्टोरिय, माजुली में

थी, दोनों ने अंग्ेज़ में बातचीत शुरू की अनु ने एंजेला को कुछ असमिया शब्द भी सिखाए। एंजेला को अनु के खिलौने बहुत अच्छे लगे, जो थोड़़े अलग तरह के थे। गुड़िया, लकड़ी के खिलौने और नारियल की जटा से बने घर। कितने अनोखे खिलौने! उसने लंदन में ऐसे खिलौने कभी नहीं देखे थे अनु का पसंदीदा खिलौना लकड़ी का बना तीर-कमान था, जिसे लेकर उसे राम बनना बहुत अच्छा लग रहा था। एंजेला उसकी विरोधी बनी थी, शक्तिशाली रावण। वे एक साथ खेल रहे थे, उस कृद-फॉद और लड़ाई का कोई अंत नहीं था।

एंजेला और अनु ने देखा कि एलेसंडाने वै्णव मठ के सभागा मेंनृत्य कर रहे युवा साधुओं का फ़िल्मांकन कियाएंजेला आश्चर् से सोच रही थी कि क्या सत्रिया नृत्य सफ्फ लड़कों और पुरूषो के लिए है? एंजेला और अनु सोच रहे थे कि काश वे भी इन युवा साधुओं की तरह गा सकते, नृत्य कर सकते और छद्म युद्ध लड़ सकते! माँ ने एंजेला को बताया क बीसवीं शताब्दी के मध्य मे कुछ साधु मठों से बाहर आकर पुरुषों और महिलाओं को सत्िया नृत्य सिखाने लगे शुरू में ऐसे साधुओं को मठों से निकाल दिया गया, लेकिन आधुनिक दौर मे महिला सत्रिया कलाकारों के लिए मंच पर नृत्य करना आम बात हो गई है उस रात माँ महिला सत्रिया नृत्यांगनाओं

एंजेला बहुत उत्साहित थी, उसने रीना आंटी से आग्रह किया कि वे अनु को भी सत्रिया नृत्य में 'महिला-नृत्य' को देखने के लिए साथ आने दें आंटी ने स्वीकृत दे दी, उस रात अनु और एंजेला सत्िया नृत्य देखने गए, जिसमें भगवान विष्णु के दो द्वारपालों जय-विजय की कहानी थी परदा उठा और एंजेला ने देखा कि सफ़ेद पगड़ीनुमा टोपी में दो महिलाएँ नृत्य और नाटक की शैली में कमाल का अभिनय कर रही है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ी उन दोनों ने देखा कि किस तरह जय और विजय ने कई बड़ ऋषियों को भगवान विष्णु से मिलने नहीं दिया, क्योंकि उस वक्त भगवान विष्णु सो रहे थे वे ऋष नाराज हो गए। उन्होंने जय-विजय को असुर बने का श्राप दे दिया। भगवान विष्णु की नींद जब टूटी, तब उन्हें अपने द्रपालों को बचाने के लिए आना पड़ा। उन्होने वचन दिया किया कि वे जय और विजय को मारकर उन्हे ्राप से बचा लेगे। बाद में जय और विजय दोबारा भगवान विष्णु के द्वरपाल बने। एजेला को यह कहानी नाटकीय और दिलचस्प लगी सत्रिया महिलानृत्यांगनाओं नेजिस प्रकार की शक्त, बल और आकरषणप्र्शित किया, वह अद्भुत था! एजेला

को लगा कि उन महिला कलाकारों की प्रसतुति सत्ियानृत्य करने वाले पुरुष कलाकारों से भी बेहतर थी। इसके बाद के दिनों में अनु और

एंजेला के ख्यालों में बस सत्रिया नृत्य ही घूम रहा था। उन दोनों ने स्वर्ग के द्वारपाल जय-विजय की तरह हथियार और तलवार चलाते हुए नृत्य किया। एलेसेंड्ा बच्चों की इस उत्सुकता को समझ गई और वे उन्हें सत्रिया कलाकारोंके होने वाले साक्षात्कार में साथ

लेकर गई।

एंजेला और अनु बहुत खुश थीं! उन नृत्यांगनाओं के नाम प्रिया और रीता थे। वे लड़कियों

को सत्िया और बिहू की कुछ खूबसूरत मुद्ाएँ और बारीकियाँ सिखा रही थीं। एंजेला अत्यधिक प्रसन्न थी। वापस लौटने के बाद भी वह चलने, खाना खाने और यहाँ तक कि खेलने के दौरान भी नृत्य करती रही। वापस लंदन जाने के बाद वह उन सभी रिकॉर्िंस को देखती रही, जो उसकी माँ ने रिकॉर्ड की थी पूरे उत्साह के साथ वह असम की समृद्ध नृत्य परंपरा को याद करती रही रंग-बिरंगा सत्रिया और

माँ उसकी गहरी रुचि को समझ गई और उन्होंने पापा के साथ मिलकर एंजेला के लिए असमी नृत्य पर एक शानदार योजना तैयार की। एंजेला ने लंदन में अपनी कक्षा में स्वयं किए गए नृत्य की वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ उसका प्रदर्शन किया। उसके सहपाठियों और शिक्षकों को यह बहुत पसंद आया। एंजेला इस बात से बहुत रोमांचित थी कि वह असम के खूबसूरत नृत्यों की झलक उन सभी को दिखा पाई। उसे बहुत अच्छा लग रहा था। माँ को भी हर बार ऐसे ही अच्छा लगता होगा, जब वे कोई फ़िल्म बनाती होंगी। अब एंजेला के पास अपने लिए, असम के नृत्यों—बिह् और सत्रिया के साथ अपना खुद का मनोरंजन था।

लेखिका- जया मेहता अनुवादकशिवेंद्रकुमार सिंह

लेखिका से परिचय

जया मेहता एक नृत्यांगना है, लेखिका है, शिक्षिका हैं और आप जैसे बच्चों की मित्रभी है। इसलिए तो वे इतनी सरलता से आपके लिए भारतीय नृत्यं की ुंदरता और बारीकियों को शब्ों में परो लेतीहैं इनका जन्म 1977 में हुआ यह पाठ उनकी भारतीय नृत्योंसे जड़ी एक पुस्तक 'नृत्य कथा' से लिया गया है जिसका हिंदी अनुवाद शिवें्र कुमार सिंह ने और चित्रंकन सुरूबा नतालिया ने कियाहै जया मेहता स्वयं भी ओडिसी नृत् में पारंगत हैं और कई वर्ों से देशन-विदेशमें ृ्य प्तुतियाँ दे रही हैं

पाठ से

आइए, अब हम इस पाठ को थोड़ा और निकटता से समझ लेते हैं आगे दी गई गतिविधियाँ इस कार्य में आपकी सहायता करेंगी।

मेरी समझ से

(क) नीचे दए गएप्र्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (*) बनाए (1) माँ एलेसेड्ा के बरे में ौन-सा कथन सत्य है?

वे असम के जीवन के बारे में बहुत-कुछ जानती थीं उन्हें असम, बिहू और सत्रिया नृत्य से बहुत प्रेम था। उन्होंन एजेला को कुछ असमिया शब्द भी सिखाए वे अपने का्य में सहायता के लिए बेटी को लाई थीं (2) "अनु और एंजेला न तुरंत एक-दूसे की तरफ देखा" क्यों?

अनु के पास खिलौने थे दोनों की आयु एक समान थी। epu दोनों को अंग्रेज़ी भाषा आती थी। एंजेला अनु से असमिया भाषा सीखना चाहती थी। (ख) अब अपने ित्ों े साथ चर्चा कीजिए और कारण बताईए क आपे ये उत्र ही क्यं चने?

मिलकर करें मिलान

पाठ में से कुछ शब्द चुनकर स्तंभ 1 में दिए गए हैं उनसे संबधित वाक्य स्तंभ 2 में दिए गएहैं अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और रेखा खींचकर शब्दों का मिलान उपयुक्त वाक्यांशों से

कीजिए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।

स्तंभ 1स्तंभ २
1.सत्रकैलेंडर के अनुसार 1 ग्रेगरी 1 जनवरी 1901 से 31 दिसंबर 2000 तक का समय।
2.बोहाग बिहू'यूनाइटेड कंगडम' और इंलैंड' की राजधानी 2.
3. लंदन्यूनाइटेड क्रिंगडम' 3. देश की एक सरकारी संस्था।
4.गुवाहाटीअसम में मनाया जाने 4. वाला एक त्योहार। असम में नए साल की शुरुआत और बसंत के
5.ब्रिटिश अकादमीआगमन का प्रतीक है। 5. भारत के असम राज्य का एक प्राचीन और सबसे बड़ा नगर है।
6.बीसवीं शताब्दीअसम के मठ हैं। ँ। इनकी पाँच ये संख्या सौ भी ज्यादा ह पूजा-पाठ से और धार्मिक गतिविधियों स्थानहै हैं। के सत्रिया ृत्य की उत्पति इन्हीं सत्रों मं हुई ही

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं इन्हेंध्यान से पढिए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपनी कक्षा में साझा कीजिए और लिखिए।

(क) "असम, भारत के पू्वात्तर कषेत् मे है, जिसे अपने वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है इसके साथ असम में ृत्य की भी एक समृद् परंपरा है"
() "पूरी दुनिया की संस्कृतियों में लोग नृत्य और संगीत से अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं'"

सोच-विचार के लिए

निबंध को एक बार फिर से पढिए और नि्नलिखित के बारे में पता लगाकर अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए

(क) "एंजेला के मन में कई तरह के विचार चल रहे थे।" उसके मन में कौन-कौन से विचार चल रहे होगे?
(ख) "बिहू एक कृष आधारित त्योहार है।" कैसे?
(ग) ऐसा लगता है कि भारत से जाने के बाद भी एंजेला के मन में असम ही छाया हुआ था। पाठ से इस कथन के समर्थन के लिए कुछ उदाहरण खोजकर लिखिए
() समय के बदलन के साथ-साथ सत्िय नृत्य की परपामेंक्ा बदलाव आया है?

निबंध की रचना

"गुवाहाटी के एक होटल में सामान्य होने के बाद वे उसी शाम पास के एक गाँव मलंग में गए। गाव पहुँचने पर मा ने एंजेला को बताया कि बिहू एक कृष आधारित त्योहार है। असम में बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है"

इन वाक्यं में बिहू और असम का ऐसा रोचक और सरस वर्णन किया गया है कि लगता है मानो हम कोई कहानी पढ़ रहे हैं।

इस निबंध में वस्तु, घटना, प्रदेश आदि का वर्णन किया गया है। इसमें जो कुछ भी स्वयं देखा गया है, उसका वर्णन किया गया है। इस प्रकार के निबंधों में घटनाओं का एक क्रम होता है। इनमें आम जीवन की बातें होती हैं। इनकी भाषा सरल होती है। उदाहरण के लिए होली, दीपावली आदि के बार में बताना।

इस पाठ को एक बार फिर से पढिए और इसकी बनावट पर ध्यान दीजिए। इस पाठ की विशेषताएँ पहचानिए और अपनी क्ष में साझा कीजिए और लिखिए जैसे इस पाठमे लंदन से यात्ा शुरूर करने से लेकर वापस लंदन पहुँचने तक के अनुभवों का वर्णन किया गया है।

अन्मान या कल्पना से

अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए

(क) "बिहू नृत्य और इसके उत्सव से अचंभित एंजेला और उसके परिवार ने इसके साथ-साथ लजीज पकवानों का पूरा आनंद लिया।" एंजेला और उसका परिवार बिहूनृत्य और उसके उत्सव को देखकर अचंभित क्यों हो गया?
(ख) "जब तक एंजेला कुछ समझ पाती, तब तक वह लंदन से नई दिल्ली होते हुए गुवाहाटी की उड़ान पर थी।" एंजेला और उसकी माँ एलेसें़ा ने भारत की यात्रा से पहले कौन-कौन सी तैयारियाँ की
(ग) होंगी? "वहाँ एक बड़ से बरगद के पेड़ के नीचे मंच बनाया गया था।" sh बिहू नृत्य के लिए बरगद के पेड़ के नीचे मंच क्यों बनाया गया होगा?

शब्दों की बात

नीचे शब्दों से जुड़ी कुछ गतिविधियाँ दी गई हैं इन्हें करने के लिए आप शब्दकोश, अपने शिक्षकों और मित्रं की सहायता भी ले सकते हैं

असम से जुड़े शब्द

इस पाठ में अनेक शब्द ऐस हैं जो असम से विशेष रूप से जुडे हैं अपने समूह में मिलकर उन शब्दों की पहचान कीजिए। इसके बाद उन्हे नीचे दिए गए स्थान पर लिखिए—

(संकेत-असम के नृत्, त्योहर, भाषा आदि)

तीन बिह

"असमें बिहू सा में तीन बार मनाया जाता है"

रोंगाली या बोहाग (बैसाख, सामान्यतया अप्रल में)भोगाली या माघ (माघ, सामान्यतया जनवरी में)कोंगाली या काटी (कार्तिक, सामान्यतया अक्तूबर में)

(क) एंजेला और उसकी माँ एलेसेड्ा कौन-से बिहू के अवसर पर भारत आए थे? लिखिए। (ख) तीनों बिहू के लिए लिखिए कि उस समय किसान खेतों में क्या कर रहे होते हैं?

पाठ से आगे

आपकी बात

अपने समूह में च्चा कीजिए

(क) "रीना आंटी की एक बिटिया थी—अनु'" बिटिया' का अर्थहै बेटी। बेटी को प्या से बुलाने के लिए और स्नेह जताने के लिए बिटिया' शब्द का प्रयोग भी किया जाता है 'बिटिया' जैसा ही एक अन्य शब्द बिद्टो' भी है। आपके घर में आपको प्यार से किन-किन नामों से पुकारा जाता है?
(ख) आपके नाम का क्या अर् है? आपका नाम किसने रखा? पता करके बताइए।
(ग)"वे एक साथ खेल रहे थे" आप कौन-कौन से खेल अपने मि्रो के साथ मिलकर खेलते हैं? बताइए।
(घ)"असम में नृत्य की भी एक समृद्ध परंपरा है।" आपने इस पाठ में बिहु और सत्िया नृत्यों के बर में तो पदढ़ा है। आपके प्ांत में कौन-कौन से नृत्यप्रसिद् हैं? आपको कौन-सा नृत्य करना पसंद हैं?

पूर्वा्र की यात्रा

असम भारत के पूवों्तर भाग में स्थित है। असम के अतिरिक्त पूवोत्तर भारत में सात अन्य राज्य भी हैं आपको अवसर मिले तो इनमें से किसी राज्य की यात्रा कीजिए। आठ राज्यों के नाम हैं अरुणाचल प्रदेश, सिक्कम, मिजोरम, मेघालय, त्रिुरा, नागालैंड, मणिपुर और असम।

"उसे ऐसा लग रहा था, जैसे वह आश्र्यजनक रूप से किसी टाइम-मशीन में आकर बैठ गई हो!" क्या आपने पहले कभी 'टाइम-मशीन' का नाम सुना है? टाइम-मशीन ऐसी काल्पनिक मशीन है, जिसें बैठकर बीतेहुए या आने वाले समय की दुनियामें पहुँचा जा सकता है टाइम-मशीन को अभी तक बनाया नहीं जा सका है। लेकिन अनेक लेखकों न 'टाइम-मशीन' के बारे में कहानियाँ लिखी हैं अनेक फ़िल्मकारों ने इसके बारे में फ़िल्ें बनाई हैं।

(क) यदि आपको टाइम-मशीन मिल जाए तो आप उसमें बैठकर कौन-से समय में और कौन-से स्थान पर जाना चाहेंगे? क्यों?
(ख) आपको यदि कोई ऐसी वस्तु बनाने का अवसर मिले जो अभी तक नहीं बनाई गई है तो आप क्या बनाएँगे? क्यों बनाएंगे?
(ग) क्या आपने कभी किसी संग्रहालय की यात्ा की है? संग्रहालय ऐसा स्थान होता है जहाँ विभिन्न कालों की प्राचीन वस्तुएँदेखने को मिलती हैं। कभी-कभी संग्रहालय की यात्रा भी 'टाइम-मशीन' की यात्रा जैसी लगती है। अवसर मिले तो आप भी किसी संग्रहालय की यात्रा अवश्य कीजिए और उसके बारे में कक्षा में बताइए।

खिलौने विभिन्न प्रकार के

"एंजेला को अनु के खिलौने बहुत अच्छे लगे, जो थोड़़े अलग तरह के थे"

(क) अनु के खिलौने कैसे थे? लंदन में एंजेला के खिलौने कैसे रहे होंगे?
(ख) आप घर पर कौन-कौन से खिलौनों से खेलते रहे हैं? उनके नाम बताइए
(ग) भारत के प्रत्येक प्ांत में हाथ से बच्चों के अनोखे खिलौने बनाए जाते हैं आपके यहाँ बच्चों के लिए हाथ से बने कौन-कौन से खिलौने मिलते हैं?
(घ) भारत के बच्चे स्वयं भी अपने लिए अनोखे खिलौने बना लेते हैं आप भी तो कागज़, मिट्टी आदि से कोई न कोई खिलौना बनाना जानते होंगे? आप अपने हाथों से बनाए किसी खिलौने को ककषा में लाकर दिखाइए और उसे बनाने का तरीका सबको सिखाइए।

पत्र

(क) मान लीजिए आप एंजेला हैं आप लंदन लौट चुकी हैं और आपको भारत की बहुत याद आ रही है अपनी सखी अनु को पत्र लिखकर बताइए कि आपको कैसा अनुभव हो रहा है।

BY AIR MAIL SERVICE DES POSTES
PARAVION ON POSTAL SERVICE
DEPARTMENT OF POSTS Nishe
NEW DELHI
INDIA

(ख) आप जानते होगे कि पत्र लिखने के लिए आवश्यक सामग्री, जैसे—पोस्टकाईड, अंतदेशीय लिफाफे आदि डाकघर से खरीदे जा सकते हैं। संभव हो तो आप भी अपने घर के पास के डाकघर में जाइए और एक पोस्टका्ड खरीदकर पत्र लिखने के लिए उसका उपयोग कीजिए।

(ग) क्या आपने कभी डाक-टिकट देखा है? संसार के सभी देश डाक-टिकट जारी करते हैं। भारत का डाक-विभाग भी समय- समय पर डाक-टिकट जारी करता है। डाक-टिकट किसी देश की संस्कृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराते है। इसलिए अनेक लोग देश-विदेश के डाक-टिकटों को एकत्रित करना पसंद करते हैं। नीचे भारत के विभिन्न लेखकों के सम्मान में जारी किए गए कुछ डाक-टिकटों के चित्र दिए गए हैं इन्हें ध्यान से देखिए (

क) आपको इनमें से कौन-सा डाक-टिकट सबसे अच्छा लगा और क्यों? (ख) डाक-टिकटों पर लेखकों के बारे में कौन-कौन सी जानकारी दी गई है?

आज की पहेली

आज हम आपके लिए लाए हैं कुछ असमिया पहेलियाँ। हो सकता है इनमें से कुछ पहेलियों को पढ़कर आपको लगे, अे! ये पहेली तो मेरे घर पर भी बूझी जाती है! तो कुछ पहेलियाँ आप पहली बार बूझेगे। तो आइए, आनंद लेते हैं इन रंग-बिरंगी पहेलियों का—

क्रमसंख्या असमिया पहेली हिंदी पहेली संकेत
1. हातीर दाँत, कदमर पात हाथी के दाँत-सी, कदंब के पात-सी।
2. पानी आसे मास नाइ, हाबि आसे बाघ नाइ पानी है पर मछली नहीं, जंगल है पर बाघ नहीं।
3. आई बुलिले नेलागे, बोपाई बुलले लागे लग-लग कहे तो ना लगे, बेलग कहे लग जाए।
4. सय चरण कृष्ण वरण, पेट काटिलेउ नाई मरण काला तन और छह हैं चरण, पेट कटे पर भी न मरण।

झरोखे से

"असम, भारत के पूरवात्तरक्षत्रमेंहै, जिसे अपने वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है।"

आपने पढ़ा है कि असम का रेशम (जिसे मूगा सिल्क भी कहा जाता है) बहुत प्रसिद्द है। क्या आप जानना चाहते हैं, यह क्या है, कैसे बनता है और क्यो प्रसिद्द है? हा? तो पढिए आगे—

असम का सुप्रसिद्ध मूंगा सिल्क

कुछ वर्षपूर् मेरी नियुक्त गवाहाटी हवाई अड़े पर हुई थी वहा पर प्रयः मैं महिलाओं को एक विशेष प्रकार की आकर्षक साड़ी पहने देखता था यह सा़ी सदैव भूरे-सुनहे रंग की झिलमिली- सी होती थी उस पर अधिकतर पारंपरिक ढंग से लाल या काली बा्डर तथा हरे, लाल अथवा पीले रंग से बूटों आदि की कढ़ाई रहती थी कुछ समय पश्चात जब मैं असम के एक विवाह समारोह में गया, तो वहाँ भी अधिकतर महिलाएँ उसी प्रकार की अन्य चमकीली-भूरी-सुनहरी साड़याँ पहन कर आई थीं अने पुरूषं ने भी उसी प्रार के ूरे-सुनहरे रंगके कुें पहने हुए थे बस केवल रंगो में हल्के या गहरे का अंतर था मैंने अपने एक असमी मित्र से पूछा कि यह कैसा

भूरा-चमकीला कपड़ा है।

मितरन बताया कि यह भूरा नहीं बल्क सुनहरा है यह असम का सुप्सिद्मूगासिल्क है जो सभी प्रकार के रेशमों में सबसे महंगा होता है मूगा का असमिया भाषा में अर् है पीला या गहरा भूरा और इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि सम्पर्ण विशख में यह केवल असम तथा देश के पूर्वा्तर राज्यो में हीतैार होता हैी यह असम को प्कृत दवरा दिया गया अनमोल और अद्ितीय उपहार है मित्र ने यह भी बताया कि मूंगा सिल्क की साड़ियों की एक खूबी यह है कि अन्यरेशमी कपड़ों के विपरीत इनको 'डाई क्लीन' कराने की आवश्यकता नहीं होती है बल्क उन्हें घर पर ही धोया जा सकता है हर धुलाई के बाद इनका निखार बढ़ता ही जाता है एक साड़ी औसतन 50 वर्ष तक खराब नहीं होती है। ऐसा माना जाता हैकि मूँगारेशम सभी प्रकार के प्राकृतिक रूप से तैयार किए जाने वाले कपड़ों में सबसे मज़बूत होता है। इसके अलावा इसे गमी या सदी किसी भी मौसम में पहना जा सकता है। असम के लोगों का मानना है कि मूँगा सिल्क के कपडों में अनेक औषधीय गुण भी होते हैं

बिमल श्रीवास्व, ्रोत पत्रिका, अप्रैल 2008

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खोजबीन के लिए

असम सहित पूर्वक्तर भारत के बारे में आप और जान सकते हैं और भारत के पारंपरिक लोक संगीत का आनंद भी ले सकते है, जिन्हे इंटरनेट कड़ियों तथा क्यू.आर. कोड की सहायता से पढ़े, देखें व समझे—

•असम-बिहू लोकगीत
सत्रिया नृत्य
मणिपुरी नृत्य
भारत के लोक नृत्य
पू्वोत्तर राज्यों के लोक नृत्य
भाषा संगम असमिया
मुकोली बिहू

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