आदमी का अनुपात
दो व्यक्ति कमरे में कमे से छोटे— कमरा है घर में घर है मुहल्ले में मुहल्ला नगर में नगर है प्रदेश में प्रदेश कई देश में देश कई पृश्वी पर अनगिन नक्षत्रों में पृथ्वी एक छोटी करोड़ों में एक ही सबको समेटे है परिधि नभ गंगा की लाखो ब्र्वांडों में अपना एक ब्रह्मांड हर ब्रह्लांड में कितनी ही पृश्वियाँ

कितनी ही भूमियाँ
कितनी ही सृष्टियॉँ
यह है अनुपात
आदमी का विराट से
इस पर भी आदमी
ईष्या, अहं, स्वार्, घृणा, अविश्वास लीन
संख्यातीत शंख सी दीवारें उठ़ाता है
अपने को दूजे का स्वामी बताता है
देशों की कौन कहे
एक कमरे में oul
दो दुनिया रचाता है
कवि से परिचय

(1919–1994)
गिरिजा कुमार माथुर का जन्म मध्य प्रेश के अशोक नगर जनपद में हुआ था उनके पिता देवीचरण माथुर भी कविताएँ लिखे थे गिरिजा कुमार माथुर आकाशवाणी में कई महत्वपूर्ण पदो पर रहे कविताओं के अतिरिक्त उन्हंने कई नाटक, गीत, कहानी और निबंध भी लिखे
उनकी अनेक कृतिया प्रकाशित है, जिनमें मंजीर, नाश और नि्माण, धूप के धान, शिलापंख चमकीले और मैव्त के हूंसाने प्रमु है उन्होे ्रसिद्ध भावांर गीत 'होगे कामयाब की भी रचना की थी
पाठ से
आइए, अब हम इस कविता को थोड़ा और विस्तार से समझते हैं नीचे दी गई गतिविधियाँ इस कार्य में आपकी सहायता करेंगी।
मेरी समझ से
(क) निम्नलिखित पर्ों क उपयु्त उत्त के समुखता (*) बनाए कुछ प्र्नोंके एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
(1) कविता के अनुसार ब्र्ां में मानव का स्थान कैसा है?
0 पृशथ्वी पर सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण ब्रांड की तुलना मेंअत्यंत सूष्म सूर्य, चंद्र आदि सभी कषत्रं से बड़ा • समस्त प्रकृति पर शासन करने वाला (2) कविता मे मुखय रू से किन दो वस्तुओंके अनुपात को दिखाया गया है

• पृथ्वी और सूर्य • देश और नगर घर और कमरा मानव और ब्रह्ांड
(3) कविता के अनुसार मानव किन ावों और कायो मेंलिप्त रहता है?
त्याग, जान और प्रेम में सेवा और परोपकार में ईंप्या, अहं, स्वार्थ, घृणा में उदारता, धर्म और न्याय में
(4) कविता के अनुसार मानव का सबसे बड़ा दोष क्या है? वह अपनी सीमाओं और दु्बलताओं को नहीं समझता। वह दूसरो पर शासन स्थापित करना चाहता है। वह प्रकृति के साथ तालमेल नहीं बिठा पाता है। वह अपने छोटेपन को भूल अहंकारी हो जाता है।
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियोंने अलग-अलग उत्तर चुने हों अपने मि्रो के साथ विचार कीजिए कि आपने ये उत्र ही क्यों चन?
पंक्तियों पर चर्चा
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यानपर्वंक पढिए और इन पर विचार कीजिए। अपने समूह में इनके अर्थ पर चर्चा कीजिए और लिखिए—
(क) "अनगिन नकष्रो में/पृथ्वी एक छोटी/ करोड़ों ें एक ही" (ख) "संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है/अपने को दूजे का स्वामी बताता है" (ग)"देशों की कौन कहे/एक कमरे में/ दो दुनिया रचाता है"

मिलकर करे मिलान
नीचे दो स्तंभ दिए गए हैं। अपने समूह में चर्चा करके स्तंभ 1 की पंक्तयों का मिलान स्तंभ 2 में दिए गए सही अर्थ से कीजिए।
| क्रम | स्तंभ 1 | स्तंभ २ |
| 1. | संख्यातीत शंख सी दीवरें | ब्रह्ांड की विशालता का प्रतीक |
| 2. | पृथ्वी एक छोटी, करोडों में एक | . आदमी के संकुचित होने का प्रतीक |
| 3. | ईष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा be | 3.मनुष्य द्वारा खींची गई कृत्रिम सीमाएँ |
| 4. | दो व्यक्ति कमरे में/कमरे से छोटे | 4.सीमित स्थान में भी और अलगाव की प्रवृत |
| 5. | परिधि नभ गंगा की | 5. पृथ्वी की अत्पता और अनोखेपन की ओर संकेत |
| 6. | एक कमरे में दोदुनिया रचाता | 6मनुष्य की नकारात्मक भावनाएँ |
अनुपात
इस कविता में 'मानव' और 'ब्रहांड' के उदाहरण द्वार व्यक्त के अल्पत्व और सृष्ट की विशालता के अनुपात को दिखाया गया है। अपने साथियों के साथ मिलकर विचार कीजिए कि मानव को ब्र्तांड जैसा विस्ता पानेके लिए इनमेंसे किन-किन गुणो ा मूल्यों की आवश्यकत होगी? आपने ये गुण क्यं चने, यह भी साझा कीजिए।

सोच-विचार के लिए
कविता को पुन पढिए, पता लगाइए और लिखिए
(क) कविता के अनुसार मानव किन कारणों से स्यं को सीमाओं मेंबाँधता चला जाता है?
(ख) यदि आपको इस कविता की एक पंक्त को दीवार पर लिखना हो, जो आपको प्रतिदिन प्रित करे तो आप कौन-सी पंक्त चुनेंे और क्यों?
(ग) कवि ने मानव की सीमाओं और कमियों की ओर ध्यान दिलाया है, लेकिन कहीं भी क्रोध नहीं दिखाया। आपको इस कविता का भाव कैसा लगाव्यंग्य, करुणा, चिंता या कुछ और? क्यों?
(घ) आपके अनुसार 'दीवारें उठाना' केवल ईंट-पत्थर से जुड़ा काम है या कुछ और भी हो सकता है? अपने विचारानुसार समझाइए।
(ड) मानवता के विकास में सहयोग, समर्पण और सहिष्णुता जैसी सकारात्मक प्वृतियाँ ईष्य, अहं, स्वार्थ और घृणा जैसी नकारात्मक प्रृतियो से कहीं अधिक प्रभावी हैं उदाहरण देकर बताइए कि सहिष्णुता या सहयोग के कारण समाज में कैसे परिवर्तन आए हैं?
अनुमान और कल्पना
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए
(क) मान लीजिए कि आप एक दिन के लिए परे ब्र्लांड को नियंतरित कर सकते हैं अब आप मानव की कौन-कौन सी आदतों को बदलना चाहेगे? क्यो?
(ख) यदि आप अंतरक्ष यात्री बन जाएँ और ब्रहाड के किसी दूसे भाग में जाएँ तो आप किस स्थान (कमरा, घर, नगर आदि) को सबसे अधिक याद करेंगे और क्यों?
(ग) मान लीजिए कि एक बच्चा या बच्ची कविता में उल्लखित सभी सीमाओं को पार कर सकता या सकती है—वह कहाँ तक जाएगा या जाएगी और क्या देखेगा या देखेगी? एक कल्पनात्मक यात्रा-वृ्तात लिखिए।
(घ) इस कविता को पढ़ने के बाद, आप स्वयं को ब्रहतांड के अनुपात में कैसा अनुभव करतेहैं? एक अनुच्छेद लिखिए "मै ्र्ाड मेंए... ूँ"
(ड) मान लीजिए कि किसी दूसरे संसार से आपके पास संदेश आया है कि उसे पृथ्वी के किसी व्यक्ति की आवश्यकता है। आप किसे भेजना चाहेंगे और क्यो?
(च) कवितामें "ईष्या, अहं, स्ार्थ' जैसी प्वृतयों की चर्चा की गई है कल्पना कीजिए क एक दिन के लिए ये भाव सभी व्यक्तयों में समाप्त हो जाएँ तो उससे समाज में क्या-क्या परिवर्तन होगा?
(छ) यदि आपको इस कविता का एक पोस्टर बनाना हो जिसमें इसके मूल भाव- विराटता और लघुता' तथा मनुष्य का श्रम'—दशाया जाए तो आप क्या चित्र, प्रतीक और शब्द उपयोग करेंगे? संक्षेप में बताइए।
शब्द से जुड़े शब्द
नीचे दिए गए रिक्त स्थानोंमें सृष्ट से जुड़ेशब्द अपने समू में र्चा करके लिखिए—

सृजन
(क) कविता में कमे से लेकर ब्रहांड तक का वस्तार दिखाया गया है इस क्रम को अपनी तरह से एक रखाचित्र सीढ़ी या मानसिक-चित्रण' (माइंड-मैप) द्ारा प्रदर्शित कीजिए। प्र्येक स्तर पर कुछ विशेषताएँ लिखिए, जैसे—पास-पड़ोस की एक विशेष बात, नगर का कोई स्थान, देश की विविधता आदि। उसके नीचे एक पंक्त में इस प्र्न का उत्र लिखिए— "मैं इस चित्रमें कहाँ हूँ और क्यो?
(ख) अगर इसी किता की तरह कोई कहानी लिखनी हो जिसका नाम हो 'ब्रहांडमें मानव' तो उसको आरंभ कैसे करेंगे? कुछ वाक्य लिखिए।
(ग) 'एक कमरे मे दो दुनिया रचाता है' पंक्त को ध्यान से पढिए अगर आपसे कहा जाए कि आप एक ऐसी दुनिया बनाइए जिसमें कोई दीवार न हो तो वह कैसी होगी? उसका वर्णन कीजिए। (घ) एक चित्र शृुखला बनाइए जिसमें ये क्रम दिखे— आदमी → कमरा $\cdot$ घर $\cdot$ पड़ोसी क्षत्र→ नगर देश→ पृथ्वी $\twoheadrightarrow$ ब्रवांड प्रत्येक चित्रमें आकार का अनुपात दिखाया जाए जिससे यह स्पष्ट हो कि आदमी कितना छोटा है
कविता की रचना
दो व्यक्ति कमरे में कमरे से छोटे—
इन पंक्तियोंमें ' चिह्न पर ध्यान दीजिए। क्या आपने इस चिह्म को पहले कहीं देखा है? इस चिह्न को निदेशक चिह्न' कहते हैं यह एक प्रकार का विराम चिह्न है जो किसी बात को आगे बढ़ाने या स्पष्ट करने के लिए उपयोग होता है यह किसी विषय की अतिरिक्त जानकारी, जैसे— व्याख्या, उदाहरण या उद्रण देने के लिए उपयोग होता है। इस कविता में इस चिह्न का प्रयोग एक ठहराव, सोच का संकेत और आगे आने वाले महत्वपूर्ण विचार की ओर पाठक का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया है यह संकेत देता है कि अब कुछ ऐसा कहा जाने वाला है जो पाठक को सोचने पर विवश करेगा।
इस कविता मे ऐसी अने विशेतएँ िपी है, जैसेअधिकतर पंक्तयों का अंति शब् में है, बहुत छोटी-छोटी पंक्तिया हैं आदि

(क) अपने समूह के साथ मिलकर कविता की अन्य विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए—
| क्रम | कविता की विशेषताएँ | कविता की पंक्तियाँ |
| 1. | सरल वाक्य के शब्दों को विशेष क्रम में लगाया गया है। | 1. संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है |
| 2. | मुहावरे का प्रयोग किया गया है | 2. कमरा है घर में, घर है मोहल्ले में, मोहल्ला नगर में.. |
| 3. | छोटे से बड़े की ओर विस्तार देने के लिए शब्दों को दोहराया गया है। | 3. देशों की कौन कहे, एक कमरे में दो दुनिया रचाता है ea |
| 4. | प्र्न शैली में व्यंग्य किया गया है। | 4. कमरा है घर में |
| 5. | अतिशयोक्त से भरा कथन है (बढ़ा-चढ़ाकर कहना)। | 5. यह है अनुपात आदमी का विराट से |
| 6. | मानव के अहंकार पर तीखा व्यंग्य किया गया है। | अपने को दजे का स्वामी बताता है |
कविता का सौंदर्य
नीचे दिए गए प्र्नो के उत्र अपने समूह में मिलकर खोजिए। इन प्रश्नों से आप कविता का आनंद और अच्छी तरह से ले सकेंगे।
(क) कविता में अलग-अलग प्रकार से ब्रहांड की विशालता को व्यक्त किया गया है। उनकी पहचान कीजिए।
(ख)"संख्यातीत शंख सी दीवारे उठाता है" "अपने को दूजे का स्वामी बताता है" "एक कमरे मेX दो दुनिया रचाता है" कविता में ये सारी क्रियाएँ मनुषय के लिए आई
हैं। आप अपने अनुसार कविता में नई क्रियाओं का
प्रयोग करके कविता की रचना कीजिए।

आपके र शब्द
"सबको समेटे है

परिधि नभ गंगा की"
आपने आकाशगंगा' शब्द सुना और पढ़ा होगा लेकिन कविता में नभ गंगा' जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है। यह शब्द दो शब्दो से मिलकर बना है।
आप भी अपने समूह में मिलकर इसी प्रका दो शब्दों ो मिलाकर नए शब्द बनाइए।
आपके प्रश्न
"हर ब्रह्मांड में कितनी ही पृश्वियाँ कितनी ही भूमियाँ कितनी ही सृष्टिया"
क्या आपके मस्तिष्क में कभी इस प्रकार के प्रश्न आते हैं? अवश्य आते होंगे। अपने समूह के साथ मिलकर अपने मन में आने वालेप्रशनों की सूची बनाइए। अपने शिक्षक, इंटरनेट और पुस्तकालय की सहायता से इन प्रशनं के उत्तर ढूढ़ने का प्रयास कीजिए

विशेषण और विशेष्य
"पृ्वी एक छोटी"
यहाँ छोटी शब्द 'पृश्वी की विशेषता बता रहा है अर्थात 'छोटी विशेषण' है। 'पृ्वी एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है। अ्थात 'पृथ्वी' विशेष्य' शब्द है।
अब आप नीचे दी गई पंक्तियोंमें विशेषण और विशेष्य शब्दों को पहचानकर लिखिए—
| पंक्ति | विशेषण | विशेष्य |
| दो व्यक्ति कमरे में | को | व्यक्ति |
| 2.अनगिन नक्षत्रों में | ||
| 3लारखोंब्र्वांडों में | ||
| 4. अपना एक ब्रह्वांड | ||
| 5.संख्यातीत शंख सी | ||
| 6. एक कमरे में | ||
| 7.दो दुनिया रचाता है |
पाठ से आगे
आपकी बात
(क) कोई ऐसी स्थिति बताइए जहाँ अनुपात' बिगड़ गया हो—जैसे काम का बोझ अधिक और समय कम।
(ख) आप अपने परिवार, विदधालय या मोहले मं विराटता (विशाल दृष्टिकोण) कैसे ला सकते हैं? कुछ उपाय सोचकर लिखिए॥ (सकेत—किसी को अनदेखा न करना, सबकी सहायता करना आदि)
(ग) करोड़़ो में एक ही पृ्वी—इस पंक्त को पढ़कर आपके मन में क्या भाव आता है? आप इस अनोखी पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए क्या-क्या करेंगे?

(घ) कविता हमें 'अपने को दूजे का स्वामी बताने केप्रति सचेत करती है। आप अपने किन-किन गुणों के प्रबल करेंगे ताकि आपमें ऐसा भाव न आए?
(ड) अपने जीवन मे ऐसी तीन 'दीवारों' के विषय ें सोचिए जो आपने स्वयं खड़ी की हैं (जैसे—डर, संकोच आदि)। फिर एक योजना बनाइए कि आप उन्हें कैसे तोड़ंगे? क्या समाज में भी ऐसी दीवारे होती हैं? उन्हं गिराने में हम कैसे सहायता कर सकते हैं?
"संख्यातीत शंख सी दीवारे उठाता है"
शंख का अर्थ है-100 पदम की संख्या। नीचे भारतीय संख्या प्रणाली एक तालिका के रूप में दी गई है। तालिका के आाधार पर नीचे दिए गए प्रनों के उत्तर खोजिए—
| हिंदी संख्या गणितीय संख्या | |
| एक (इकाई) 1 100 | |
| दस (दहाई) 10 101 | |
| सौ (सैकड़ा) 100 102 | |
| सहस्त्र(हजार) 1,000 103 | |
| दस हजार 10,000 | |
| लाख 1,00,000 105 | |
| दस लाख 10,00,000 106 | |
| करोड़ 1,00,00,000 107 | |
| दस करोड़़ 10,00,00,000 108 | |
| अरब 1,00,00,00,000 109 | |
| दस अरब 10,00,00,00,000 1010 | |
| खरब 1,00,00,00,00,000 1011 | |
| दस खरब 10,00,00,00,00,000 | 1012 |
| नील 1,00,00,00,00,00,000 | 1013 |
| दस नील 10,00,00,00,00,00,000 | 1014 |
| पद्म 1,00,00,00,00,00,00,000 | 1015 |
| दस पद्म 10,00,00,00,00,00,00,000 | 1016 |
| शंख 1,00,00,00,00,00,00,00,000 | 1017 |
| दस शंख 10,00,00,00,00,00,00,00,000 | 1018 |
| महाशंख 1,00,00,00,00,00,00,00,00,000 1019 | |
- जिस संख्या में 15 शून्य होते हैं उसे क्या कहते हैं
- महाशंख में कितने शून्य होते हैं?
- एक लाख में कितने हजार होते हैं?
- उपर्युक्त तालिका के अनुसार सबसे छोटी और सबसे बड़ी संख्या कौन-सी है?
- दस करोड़़ और एक अरब को जोड़ने पर कौन-सी संख्या आएगी?
समावेशन और समानता
जैसे पृथ्वी अनगिनत नक्षत्ोंमें एक छोटा-सा ग्र है, वैसे ही प्रत्येक व्यक्त, चाहे वह विशेष आवश्यकता वाला हो या न हो, समाज का एक महत्वपूर्ण भाग है। C
एक समूह चर्च आयोजित करे जिसमें सभी मानवों के लिए समान अवसरों की आवश्यकता पर बल दिया जाए। (भले ही उनका जेंडर, आय, मत, विश्वास, शारीरिक रूप, ंग या आकार-प्रकार आदि कैसा भी हो)
आज की पहेली
पता लगाइए क कौन-साअंतरक्ष यान कौन-से ्रह पर जाएणा

झरोखे से
आइए अब पढ़तेहैंप्रसिद्ध गीत 'होंगे कामयाब'।
होंगे कामयाब!
होंगे कामयाब
होंगे कामयाब
हम होंगे कामयाब... एक दिन
मन में है वश्वास
पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब... एक दिन
होगी शांति चारों ओर
होगी शांति चारों ओर
होगी शांति चारों ओर.. ए दिन
मन में हैविश्वास
पूर है विश्वास, हमहोंे कामया.. एक दिन
नहीं डर किसी का आज
नहीं भय किसी का आज
नहीं डर किसी का
आज के दिन
मनमें है वश्वा, पूरा ह विश्वास
हम होंगे कामयाब... एक दिन
हम चलेंगे साथ-साथ to
डाल हाथों में हाथ
हम चलेंगे साथ-साथ.. एक दिन
मन में हैविश्वास
पूरा हैवश्वास
हम होंगे कामयाब... एक दिन
साझी समझ
गिरिजा कुमार माथुर की अ्य रचनाएँपुस्तकालय या इंरनेट पर खोजकर पढिए और ककषा मे साझा कीजिए।
खोजबीन के लिए
हम होंगे कामयाब एक दिन
https://www.youtube.com/watch?v=xlTlzqvMa-Q
https://www.youtube.com/watch? $r =$ dJ7BW1CgoWI
0 कल्पना जो सितारों में खो गई https://www.youtube.com/watch?v=Xhv0L2frHn8
0 सुनीता अंतरिक्ष में
https://www.youtube.com/watch?v=I1cDmCthPaA
ब्रह्माण्ड और पृथ्वी
https://www.youtube.com/watch?v=b8udjzy7zCA
• हौसलों की उड़ान-मंगलयान