Mat Bandho - CBSE Class 8 Hindi Notes

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Chapter Study Guide & Summary

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Key Concepts & Syllabus Topics

Important Definitions & Terminology

Mat Bandho Overview
The central theme and foundational concept covered in Class 8 Hindi Chapter 7, emphasizing conceptual clarity, NCERT curriculum alignment, and exam readiness.
NCERT Curriculum Alignment
Structured study material adhering strictly to CBSE board guidelines, learning objectives, and standardized assessment criteria for Class 8.
Active Recall & Revision
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Quick Revision & Key Points

Full NCERT Chapter: Mat Bandho

7 मत बाँधी

इन सपनों के पंख न काटो इन सपनों की गति मत बाँधो! सौरभ उड़ जाता है नभ में फिर वह लौट कहाँ आता है? बीज धूलि में गिर जाता जो वह नभ में कब उड़ पाता है?

अग्नि सदा धरती पर जलती धूम गगन में मंडराता है! सपनों में दोनों ही गति हैं उड़ कर आँखों में आता है! इसका आरोहण मत रोको इसका अवरोहण मत बाँधो!

मुक्त गन में विचरण कर यह तारों में फिर मिल जायेगा, मेघों से रंग औ' किरणों से दीप्ति लिए भू पर आयेगा। स्व्ग बनाने का फिर कोई शिल्प भूमि को सिखलायेगा! नभ तक जाने से मत रोको धरती से इसको मत बाँधो!

इन सपनों के पंख न काटो इन सपनों की गति मत बाँधो!

महादेवी वर्मा

कवि से परिचय

हिंदी की सुप्रसिद् कवयित्र महादेवी वम्मा का जन्म फ्खाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था उन्होने छोटी उऽ् से ही कविता लिखना आरंभ कर दिया था। बच्चों के लिए उन्होंने 'बारहमासा', 'आज खरीदेंे हम ज्वाला', 'अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी' जैसी अनेक कविताएँ लिखी हैं इसके अतिरिक्त उन्होने भावपूर्ण गघ मेरा परिवार, अतीत के चलचित्र स्मति की रेखाएँ तथा पथ के साथी भी रचना की उनके द्ारा लिखे गदछ के चित्र पाठकों को याद रह जाने वाले होते हैं नीहार, रश्म, नीरजा, सांध्य गीत और दीपशिखा उनके चर्ित कविता-संग्र हैं उ्हे भारतीय ज़ानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है बहुमुखी प्रतिभा संपन्न महादेवी व्मा एक चित्रकार भी थीं


(1907–1987)

पाठ से

आइए, अब हम इस कविता को थोड़ा और विस्तार से समझते हैं। नीचे दी गई गतिविधियाँ इस कार् में आपकी सहायता करेगी।

मेरी समझ से

(क) निन्नलिखित प्र्नो के उपयुक्तउत्तरके समुख ता () बनाइए कुछ प्र्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

आप इनमें से कविता का मुख्य भाव किसे समझतेहैं

0 सपे मात्रकल्पनाएँ हैं सपनों को भूल जाना चाहिए 0 सपनों की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए सपने देखना अच्छी बात है

  1. मत बाँधो' कविता किसकी स्वतंत्रता की बात करती है?

• प्रेम की • शिक्षा की • सपनों की

."इन सपनों े पंख न काटोग पंक्त में सपनों के 'पंख' होने की कल्पना क्यों की गई है

0 सपने जीवन में कुछ नया करने की प्रेरणा देते है 0 सपने सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाते है सपने पंखों की तरह उड़ान भर श्रमण करवाते हैं 0 सपने पंखों की तरह कोमल और अनेक प्रकार के होते हैं "स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प" पंक्त मे स्व्ग से आपक्या समझते हैं?

0 जहाँ किसी प्रकार का शारीरिक कष्यन हो जहाँ अतुलनीय धन संपत्ति हो जहाँ परस्पर सहयोग एवा सद्भाव हो जहाँ सभी प्राणी एक-दूसरे केप्रति संवेदनशील हों

  1. यदि बीज धूल में गिर जाए तो क्या हो सकता है?

वह बहुत तेजी से उड़ सकता है वहा और गहरा हो सकता है उसकी उड़ान रुका सकती है 0 वह बढ़कर पौधा बन सकता है

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों अपने मित्रो के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्र ही क्यों चन?

पंक्तियों पर चर्चा

कविता में से चुनकर कुछ पंक्तयाँ नीचे दी गई हैं इन्हे ध्यानपूर्वक पढिए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए

(क) "सौरभ उड़ जाता है नभ में फिर वह लौट कहाँ आता है? बीज धूलि में गिर जाता जो वह नभ में कब उड़ पाता है?"

(ख) "मुक्त गन में विचरण कर यह
तारो में फिर मिल जायेगा,
मेघों से रंग औ' किरणों से
दीप्ति लिए भू पर आयेगा।"

मिलकर करे मिलान

कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ स्तंभ 1 में दी गई हैं उन पंक्तियों के भाव या संदर् स्तंभ 2 में दिए गए हैं पंक्तियों को उनके सही भाव अथवा संदर् से मिलाइए।

क्रमस्तंभ 1स्तंभ २
इन सपनों के पंख न काटो इन सपनों की गति मत बाँधो!सपनो के उठने (आरोहण) और उनके व्यवहार में वापस आने (अवरोहण) में बाधा न डालें, क्योंकि स्वतंत्रता ही सपनों को साकार करने की कुंजी है।
2.सपनों में दोनों ही गति हैं उड़कर आँखों में आता है!2. सपनों को ऊँचाइयों तक जाने से मत रोको। उन्हें धरती से बाँधकर मत रखो।
3.इसका आरोहण मत रोको इसका अवरोहण मत बाँधो!किसी पक्षी के पंख काट दिए जाएँ तो वह उड़ नहीं सकता, 3. वैसे ही अगर हम किसी के सपनों को बाधित करें तो उसकी कल्पनाशीलता और संभावनाएँ समाप्त हो जाएँगी।
4.नभ तक जाने से मत रोको धरती से इसको मत बाँधो!रचनात्मक और स्वतंत्र विचार समाज को सुदर, समृद्ध और शांतिपर्ण बना सकता है।
5.भूमि को सिखलायेगा!सपनों में ऊपर उठने (आरोहण) और नीचे आने (अवरोहण) दोनों की विशेषता होती है। सपना विचार की तरह जन्म लेता है और फिर व्यवहार में पूरा होता है, तभी वह कल्पना से निकलकर सच्चाई बनता है।

सोच-विचार के लिए

कविता को पुन: पढिए, पता लगाइए और लिखिए (क) कविता में मत बाँधो', पंख न काटो' आदि संबोधन किसके लिए किए गए होंग?

(ख) कविता में सपनों की गति न बाँधने की बात क्यों कही गई होगी?
() कविता में सौरभ, बीज, धुआँ, अम्न जैसे उदाहरणों के माध्यम से सपनों को इनसे भिन्न बताते हुए उसे विशेष बताया गया है। आपकी दृष्ट में इन सबसे अलग सपनों की और कौन-सी विशेषताएँ हो सकती हैं?
(घ) कविता मे आरोहण' और 'अवरोहण' दोनों के मह्व की बात की गई है उदाहरण देकर बताइए कि आपने 'आरोहण' और अवरोहण' को कब-कब सार्थक होते देखा?
(उ) "सपनो में दोनों ही गतिहै/ उड़कर आँखो में आता है!" क्या आप सहमत हैं कि सपने 'आँखो में लौटकर' वास्तविकता बन जाते हैं? अपने अनुभव या आस-पास के अनुभवों से कोई उदाहरण दीजिए।

शीर्षक

कविता का शीर्षक है 'मत बाँधो'। यदि आपको इस कविता को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या नाम देगे? आपने यह नाम क्यों सोचा? यह भी लिखिए।

अनुमान और कल्पना से

(क) मान लीजिए आप एक नया संसार बनाना चाहते हैं उस संसार में आप क्या-क्या रखना चाहेंगे और क्या-क्या नहीं? अपने उत्तर का कारण भी बताइए
(ख) कविता ें शिल्प और कला के महत्व की बात की गई है। कलाएँहमारे आस-पास की दुनिया को सुंदर बनाती हैं आप अपने जीवन को सुदर बनाने के लिए कौन-सी कला सीखना चाहेगे? उससे आपका जीवन कैसे सुंदर बनेगा? अनुमान करके बताइए।
(ग) "सौरभ उड़ जाता है नभ में/फिर वह लौट कहाँ आता है?" यदि आपके पास अपने बीते हुए समय में लौटने का अवसर मिले तो आप बीते हुए समय में क्या-क्या परिवर्तन करना चाहेंगे?
(घ) "बीज धूल में गिर जाता जो/वह नभ में कब उड़ पाता है?" यदि सपने बीज की तरह हों तो उन्हें उगने के लिए किन चीजों की आवश्यकता होगी? (संकेत-धूप अरथात मेहनत, पानी अर्थात लगन आदि)
(ड)"स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प/भूमि को सिखलायेगा!" यदि अच्छे सपनों या विचारों से स्वर्ग बनाया जा सकता है तो बुरे सपनों अथवा विचारों से क्या होता होगा? बुरे सपनों या विचारों से कैसे बचा जा सकता है?
(च) "इन सपनों के पंख न काटो/इन सपनों की गति मत बाँधो!" कल्पना कीजिए कि हर किसी को सपने देखने और उन्हे पूरा करने की पूरी स्वतंत्रा मिल जाए, तब दुनिया कैसी होगी? आपके अनुसार उस दुनिया में कौन-सी बातें महत्वपू्ण होंगी?
(छ) "इन सपनों के पंख न काटो / इन सपनों की गति मत बाँधो!" आपके विचार से यह सुझाव है? आदेश है? प्रार्थना है? या कुछ और है? यह बात किससे कही जा रही है?

कविता की रचना

"सौरभ उड़ जाता है नभ में..

• "बीज धूल में गिर जाता जो.."

"अ्न सदा धरती पर जलती.."

उप्युक्त पंक्तियों पर ध्यान दीजिए। इन पंक्तियों को पढ़ते समय हमारी आँखों के सामने कुछ चित्र उभर आते है। कई बार कवि अपनी बात अथवा मुख्य भाव को समझाने या बताने के लिए उदाहरणों के माध्यम से शब्द-चित्रं की लड़ी-सी लगा देता है जिससे कविता में विशेष प्रभाव उत्पन्न हो जाता है। इस कविता में भी ऐसी अनेक विशेषताएँ छिपी हैं।

(क) अपने समूह के साथ मिलकर इन विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को ककषा में सबके साथ साझा कीजिए
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तयाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ समाहित हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए

क्रमकविता की विशेषताएँकविता की पंक्तियाँ
1.एक-दसरे के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग किया गया है।वह नभ में कब उड़ पाता है?
2.एक ही शब्द का प्रयोग बार-बार किया गया है।इसका आरोहण मत रोको इसका अवरोहण मत बाँधो!
3.समानार्ी शब्दों का प्रयोग किया गया है।स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प भूमि को सिखलायेगा!
4.प्र्न पूछा गया है।4. इन सपनों के पंख न काटो
5.संबोधन का प्रयोग किया गया है। be repurc5. नभ तक जाने से मत रोको धरती से इसको मत बाँधो!
6.सपने को मनुष्य की तरह चित्रित किया गया है। X6. दीप्ति लिए भू पर आयेगा स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प भूमि को सिखलायेगा!

शब्दों की बात

"इसका आरोहण मत रोको इसका अवरोहण मत बाँो!" उपरुक्त पंक्तियोंमें रखांकित शब्दो पर ध्यान दीजिए। 'आरोहण "

और 'अवरोहण' दोनों एक-दसरे के विपरीतार्थक शब्द हैं आरोहण का अर्थ है—नीचे से ऊपर की ओर जाना या चढ़ना और अवरोहण का अर्थ है—ऊपर से नीचे की ओर आना या उतरना।

(क) नीचे दए रिकत स्था में आरोहण' और 'अवरोहण' का उपयुकत प्रयोग करके वाक्यों को पूरा कीजिए।

पर्वतारोहियों ने बीस दिन तक पर्वत पर कर विजय प्राप्त की। नदियाँ विशाल पर्वतों से करते हुए सागर में मिल जाती है। अंकगणित में बड़ी संख्या से छोटी संख्या की ओर लिखने की प्रक्रिया क्रम कहलाती है।

इसी प्रार से आरोहण' और -अवरोण शब्दोंे ्योग को देखते हुए आप भी कुछ सार्क वाक्य बनाइए (ख) नीचे दी गई कविता की पंक्तियोंके रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए

"वह नभ में कब उड़ पाता है?"

"धूम गन में मँडराता है"

नभ' और 'गन' समान अर्थ वाले शब्द है रखांकित शबदों के समानार्थी शब्दों काप्रयोग करते हुए कुछ नई पंक्तियों की रचना कीजिए और देखिए कि पंक्तियोंमें लय बनाए रखने के लिए और किन परिवतिनों की आवश्यकता पड़ती है?

(ग) कविता मे 'मत' शब्द के साथ बाधो', काटो' क्रया लगाई गई है। आप 'मत' के साथ कौन-कौन सी क्रियाएँ लगाना चाहंगे? लिखिए। (संकेत— मत डरो)
(घ) आपकी भाषा में बाँधने' के लिए और कौन-कौन सी क्रियाएँ हैं? अपने समूह में चर्चा करके लिखिए और उनसे वाक्य बनाइए। (संकेतजोड़ना)
(ड) 'मत' शब्द को उलट कर लिखने से शब्द बनता है 'तम' जिसका अर्थ है अँधेरा'। कविता में से कुछ ऐसे और शब्द छॉटिए जिन्हे उलट कर लिखने से अर् देने वाले शब्द बनते हैं।

काल परिवर्तन

"सौरभ उड़ जाता है नभ में

उपर्यक्त पंक्ति को ध्यान से देखिए इस पंक्त की क्रिया 'जाता है' से पता चलता है कि यह वर्तिमान काल में लिखी गई है यदि हम इसी पंक्त को भूतकाल और भविष्य काल में लिखें तो यह निम्नलिखित प्रकार से लिखी जाएगी—

भूतकाल—सौरभ उड़ गया है नभ में भविष्य कालसौरभ उड़ जाएगा नभ में

कविता में वतिमान काल में लिखी गई ऐसी अनेक पंक्तियाँ आई हैं उ पंक्तियों को कविता मेंसे ढू़कर भूतकाल और भविष्य काल में लिखिए।

"स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प"

शब्दकोश के अनुसार शिल्प' शब्द के निम्नलिखित अर् है 1. हाथ से कोई चीज बनाकर तैयार करने का काम— दस्तकारी, कारीगरी या हुनर, जैसे— बरतन बनाना, कपड़ सिलना, गहने गढ़ना आदि। 2. कला संबंधी व्यवसाय। 3. दक्षता, कौशल। ४. नि्माण, सर्जन, सृषट, रचना। ५. आकार, आवृत्त। 6. अनुष्ान, ्रिया, धार्मिक कृत्या अब शब्दकोश से 'शिल्प' शब्द से जु़ निम्नलिखित शब्दों के अर्थ खोजकर लिखिए

  1. शिल्पकार, शिल्पी, शिल्पजीवी, शिल्पकारक, शिल्पक या शिल्पकारी

२.शिल्पकला

  1. शिल्पकौशल

  2. शिल्पगृह या शिल्पगेह

5शिल्पविद्या

  1. शिल्पशाला या शिल्पालय

पाठ से आगे

आपकी बात

(क) कविता में गति को न बाँधने की बात कही गई है। आप 'बाधने' का प्रयोग किन-किन स्थितियों या वस्तुओं के लिए करते हैं? बताइए (संकेत— गाँठ बाँधना)

(ख) स्वग शब्दसे आशय है 'सुखद स्थान' अर्थात वह स्थान जहाँ सुख, शांति, समृद्धि और आनंद की अनुभूति हो। अपने घर, आस-पड़ोस और विदयालय को सुखद स्थान बनाने के लिए आप क्या-क्या प्रयास केंगे? सूची बनाइए और घर के सदस्यों के साथ साझा कीजिए।

(ग) कविता में सपनों की बात की गई है। आपका कौन-सा सपना ऐसा है जो यदि सच हो जाए तो वह दूसरं की सहायता कर सकता है? उसके विषय में बताइए

चर्चा-परिचर्चा

"सपनों में दोनों ही गति है/ उड़कर आँखों में आता है" किसी एक के ्ारा देखा गया सपना बहुत से लोगों का सपना भी बन जाता है, जैसे—हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा भारत को स्वतंत्र कराने का सपना सभी भारतीयों का सपना बन गया। साथियों से चर्चा कीजिए कि आपके कौन-से ऐसे सपने हैं जन्हेंपूरा करने के लिए आप अन्य लोगों को भी जोड़ना चाहेंगे

सृजन

(क) विराम चिह्न का फेरबदल रोको मत, जाने दो रोको, मत जाने दो

लेखन में विराम चिह्नों का विशेष महत्व होता है विराम चिह्नोंकेप्रयोग से वाक्य या पंक्त का अर्थस्पष्ट हो जाता है और परिवर्तित भी हो जाता है, जैसे— रोको मत, जाने दो' में रोको मत के बाद अल्पविराम चिह्न () का प्रयोग किया गया है, जिसका अर्थ है कि बिना रोके जाने दिया जाए। वहीं 'रोको, मत जाने दो' में रोको के बाद अल्पविराम () काप्रयोग किया गया है, जिसका अर् है कि जाने से रोका जाए। नीचे कुछ चि्रदिए गए हैं आप किन चित्ोंके लिए 'रोको मत, जाने दो' या रोको, मत जाने दो' का प्रयोग करेंगे? दिए गए रिक्त स्थान में लिखिए और इन चित्रों को शीर्षक भी दीजिए

(ख) कविता आगे बढ़ाएँ

नीचे दी गई पंक्तयों को आगे बढ़ाते हुए अपनी एक कविता तैयार कीजिए।

,इन सपनों के पंख न काटो इन सपनों की गति मत बाँधो। (ग) खोया-पाया

मान लीजिए आपका सपना कहीं खो गया है उसके खो जाने की रिपोर् तैयार कें आपको स्कूल प्रशासन को यह रिपोर्ट भेजनी है। इसके लिए स्कूल प्रशासन के नाम एक पत्र लिखिए

वाद-विवाद

(क)

कक्षा में पाँच-पाँच विद्यार्ियों के समूह बनाकर एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। इसके लिए विषय है—"व्यक्त को बाँध सकते हैं उसकी कल्पना और विचारों को नहीं"

एक समूह विषय के विपक्ष में और दूसरा समूह विषय के पक् में अपना तक देगा। जैसे—

समूह 1 व्यक्त की कलत्पना और विचारोंपर नियंत्रण आवश्यक है।

समूह 2—स्वतंतर विचार और कल्पना परगति के लिए महत्वपूर्णहै

(ख) विद्या्थी वाद-विवाद के अनुभवों पर एक अनुच्छेद भी लिख सकते हैं।

(क) "धूम गन में मँडराता है।"

सुगंध का अनुभव सूघकर किया जाता है धुएँ को देखा जा सकता है। वायु का अनुभव स्परश द्ारा किया जा सकता है और अनुभवों को बोलकर भी कहा या बताया जा सकता है जैसे कि कोई केट्ी कर रहा हो

जो व्यक्त देख पाने में सक्षम नहीं है, आप उन्हे निम्नलिखित स्थितियों का अनुभव कैसे करवा सकते है—

वर्षं की बूंदों का धुएँ के उड़ने का खेल के रोमांच का

(ख) मूक अभिनय द्वारा कविता का भाव

विद्ार्थियोंके बराबर-बराबर की संख्यामें दो दल (टीम) बनाइए। दलों के नाम रखें—कल्पना और आकाक्षा।

कल्पना' दल से एक प्रतिभागी आगे आए और मूक अभिनय (हाव-भाव या संकेत) के माध्यम से इस कविता की किसी भी पंक्त का भाव प्र्तुत करें। 'आकांक्षा' दल केप्रतिभागियों को पहचानकर बताना होगा कि अभिनय में किस पंक्त की बात की जा रही है। पहचानने की समय सीमा भी निधारित की जाए। निधारित समय सीमा पर सही उतर बताने वाले दल को अंक भी दिए जा सकते हैं इस तरह से खेल को आगे बढ़ाया जाए

आपदा प्रबंधन

"अनि सदा धरती पर जलती /धूम गगन मे मंडराता है!"

आग, बाढ़, भूकंप जैसी आपदाएँ अचानक आ जाती है। सही जानकारी से आपदाओं की स्थिति में बचाव संभव हो जाता है।

(क) कक्ामें अपने शिक्षकों के साथ चर्चा कीजिए कि क्या-क्या करेंगे यदि

कहीं अचानक आग लग जाए 0 आपके क्षे्र में बाढ आ जाए • भूरकंप आ जाए

(ख) "मैं आपदा के समय क्या करूँंगा या करँंगी?"—एक सूची या चित्र आधारित योजना बनाइए

"स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प भूमि को सिखलायेगा!"

हमारे देश में हजारों वरों से अनगिनत शिलप प्रचलित हैं उनमें से कुछ के बारे में आप पहले से जानते होंगे नके बारे में कक्षा में चर्चा कीजिए।

(क) अपने समू के साथ मिलकर नीचे दिए गएशिल्प-कायों को उनके सही अरथां याव्याख्यासे मिलाइए

शिल्प-कार्यअर्थ या व्याख्या
काष्ठ शिल्प1.कॉँच से झूमर, सजावटी वस्तुएँ और रंगीन खिड़कियाँ आदि बनाना
मृतिका शिल्प२. कपड़ों पर कढ़ाई, बुनाई, छपाई, बंधेज आदि सजावटी कार्य
3. धातु शिल्प
४कॉँच शिल्प4.लकड़ी से वस्तुएँ खिलौने, मूतियाँ आदि बनाना
वस्त्र शिल्प5. मिट्टी से बर्तन, दीये, मृर्तियाँ और सजावटी चीजे बनाना
कागज शिल्प6. ताँबा, पीतल, लोहे जैसी धातुओं से दीपक, मूर्तियाँ, थालियाँ आदि बनाना
पत्थर शिल्प7. पारंपरिक चित्रकलाओं जैसे मधुबनी, गोंड, वरली आदि से कलाकृतियाँ
8.चमड़ा शिल्पबनाना 8. कपड़ों या सजावट की वस्तुओं में शीशे जोड़ना या जड़ाई करना
. बॉस और बेंत शिल्प9. लाख से चूड़ियाँ, खिलौने, डिन्बे और अन्य सजावटी वस्तुएँ बनाना
10. मोती एवं आभूषण10.लकड़ी, पत्थर या धातु पर बारीक खुदाई ्वारा डिजाइन बनाना
शिल्प लाख शिल्प
d 1२शीशा शिल्प12. चमडे से जूते, बेल्ट, बैग और अन्य उपयोगी वस्तुएँ बनाना
चित्रकला शिल्प१3. संगमरमर या अन्य पत्थरों से मूरतियाँ बनाना, मंदिरों की सजावट करना आदि
14नक्काशी शिल्प14. रंग-बिरंेमोतियों से हार, कंगन, झुमके आदि गहने बनाना

(ख) अपने विद्यालय या परिवार के साथ हस्तशिल्प से जुड़ किसी स्थान या कार्यशाला का श्रमण कीजिए और उस हस्तशिल्प के बरे में एक रिपो्ट बनाइए

अथवा

राष्ट्रय हस्तशिल्प संग्रहालय की नीचे दी गई वेबसाइट में आपको कौन-सा हस्तशिल्प या कलाकृति सबसे अच्छी लगी और क्यों, उसके विषय में लिखिए।

https://nationalcraftsmuseum.nic.in/

झरोखे से

अभी आपने जो कविता पढ़ी उसे लिखा है महादेवी वमा ने अब पढिए इन्हं केद्ा लिखी एक कहानी गिल्लू का अंश—

मे पास बहुत से पशु-पक्ी हैं और उनका मुझसे लगाव भी कम नहींहै परंतउनमे से किसी को मैरसाथ मेरी थाली में खने की हिम्मत हु है ऐसा मुझे समरण नहीं आता

गिल्लू इनमें अपवाद था मैंजैसे ही खने के कमे में हुँचती, वह खड़की से निकलकर आँगन की दीवार, बरामदा पार करके मेज पर पहुँच जाता और मेरी थाली मेंबैठ जाना चाहता बड़ी कठिनाई सेमैने उसे थाली के पास बैठना सिखाया जहाँ बैठकर वह मेरी थाली में से एक-एक चावल उठाकर बड़ी सफाई से खाता रहता। काजू उसका प्रय खाद था और कई दिन काज न मिलने पर वह अन्य खाने की चीजे या तो लेना बंद कर देता या झूले से नीचे फेक देता था।

साझी समझ

गिल्लू' कहानी को पुस्तकालय से ूँढ़कर पूरी पढिए और अपने साथियों के साथ मिलकर चर्च कीजिए।

खोजबीन के लिए

नीचे दी गई इंटरनेट कड़यों के माध्यम से आप महादेवी वम्म और उनकी रचनाओं के विषय में जान, समझ सकते हैं

• महादेवी वर्म | कवयित्री | जीवन और लेखन |हिंदी | भाग - 1 https://www.youtube.com/watch?v=stQL9KgVZHg

0 महादेवी वर्म | कवयित्ी | जीवन और लेखन | हिंदी | भाग - २ https://www.youtube.com/watch?v=_uqB5M9ZX60

• कविता मंजरी, बारहमासा
https://www.youtube.com/watch?v $=$ bjgVp0W-Muw • गिल्लू - महादेवी वर्मा
https://www.youtube.com/watch?v=uxpOlfd05K8 महादेवी वर्मा, भारतीय कवयित्री
https://www.youtube.com/watch?v=mWwpjf5YNT4

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